ड्यूटी से बढ़कर देश! गणतंत्र दिवस पर 982 वीरों को सलाम

महेंद्र सिंह
महेंद्र सिंह

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश की आंतरिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की रीढ़ माने जाने वाले पुलिस, अग्निशमन, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा बलों के कुल 982 जवानों को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा

इसकी आधिकारिक घोषणा गृह मंत्रालय (MHA) ने रविवार को की। ये सम्मान उन अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए जा रहे हैं, जिन्होंने वर्दी पहनकर सिर्फ ड्यूटी नहीं निभाई, बल्कि जान जोखिम में डालकर कर्तव्य की परिभाषा लिखी

125 को बहादुरी पदक, 68 को उत्कृष्ट सेवा सम्मान

गृह मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष 125 कर्मियों को Police Medal for Gallantry प्रदान किया जाएगा। इनमें 121 पुलिसकर्मी, 4 अग्निशमन सेवा के जवान शामिल हैं।

इसके अलावा, 4 पुलिसकर्मियों को President’s Police Medal, 68 पुलिसकर्मियों को Meritorious Service Medal से सम्मानित किया जाएगा।

यह चयन केवल फाइलों के आधार पर नहीं, बल्कि ग्राउंड पर लिए गए फैसलों और जोखिमों को देखकर किया गया है।

UP Police के 18 जांबाज़, गैलेंट्री लिस्ट में चमके

उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए यह साल खास तौर पर गौरवपूर्ण रहा है। राज्य के 18 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को Gallantry Medal से नवाज़ा जा रहा है।

इस सूची में शामिल हैं— इंस्पेक्टर संतोष कुमार, SI सौरभ मिश्रा, HC कवींद्र, ASP विनोद कुमार सिंह, इंस्पेक्टर अमित, HC बैजनाथ राम, HC मनोज कुमार सिंह, SI अतुल चतुर्वेदी, SI प्रदीप कुमार सिंह, HC सुशील कुमार सिंह, ASP राकेश, DSP धर्मेश कुमार शाही, इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह, SI यशवंत सिंह, DSP रजनीश कुमार उपाध्याय, SI जर्रार हुसैन, SI सुनील सिंह और कांस्टेबल कुणाल मलिक।

इनमें से कई अधिकारी पहले भी वीरता पदक प्राप्त कर चुके हैं।

गैलेंट्री मेडल: सिर्फ बहादुरी नहीं, फैसला भी

Gallantry Medal उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपराधियों से सीधी मुठभेड़ आतंकवाद या हिंसक घटनाओं से निपटना आम नागरिकों की जान-माल की रक्षा जैसे हालातों में अपने जीवन की परवाह किए बिना साहस दिखाया हो।

चयन के दौरान यह भी आंका जाता है कि खतरा कितना बड़ा था और जिम्मेदारी का स्तर क्या था।

नाम कम, काम ज़्यादा

इन जवानों के नाम अक्सर सुर्खियों में नहीं होते, लेकिन जब सिस्टम डगमगाता है, तो यही लोग दीवार बनकर खड़े रहते हैं

देश सुरक्षित इसलिए है, क्योंकि कुछ लोग हर दिन रिस्क को नौकरी समझते हैं।

बजट से Ease of Doing Business या फिर Ease of Surviving?

Related posts

Leave a Comment